संस्थापकों के संदेश
आत्मिक यात्रा के आर्किटेक्ट
हमने ‘स्व स्पिरिचुअल’ की यात्रा किसी उत्तर की तलाश में नहीं, बल्कि एक प्रश्न से शुरू की थी – क्या भीतर की शांति, बाहर की दुनिया को बदल सकती है? इस प्रश्न ने हमें भीतर झाँकने, खुद को समझने, और फिर उस अनुभूति को साझा करने की प्रेरणा दी। हम मानते हैं कि अध्यात्म कोई अलग मार्ग नहीं, बल्कि जीवन की गहराई से जुड़ने का एक सहज प्रयास है। यह मंच हमने इसलिए रचा ताकि हर व्यक्ति, चाहे वह कहीं भी हो, खुद से एक रिश्ता बना सके – शांति का, जागरूकता का और प्रेम का। ‘स्व स्पिरिचुअल’ आपके भीतर छुपे उस ‘स्व’ की खोज है, जिसे आपने शायद कभी समय की धूल में खो दिया था। हम यहाँ आपको कोई रास्ता नहीं दिखाते, बल्कि एक दर्पण देते हैं, जिसमें आप स्वयं को पहचान सकें। हमारा विश्वास है कि जब एक मन शुद्ध होता है, तो पूरे समाज में शुद्धता की लहर दौड़ती है। यही हमारा उद्देश्य है – भीतर से बाहर तक परिवर्तन।
आपका साथ, आपकी उपस्थिति, इस यात्रा को अर्थ देती है।
शांति से जुड़िए। खुद से जुड़िए। जीवन से फिर से प्रेम कीजिए।

Sachin Pandey
Founder Member, Swa Spiritual Trust
हर जीवन एक प्रश्न है जिसका उत्तर बाहर नहीं, भीतर होता है। ‘स्व स्पिरिचुअल’ की शुरुआत किसी शोर से नहीं, एक मौन की पुकार से हुई। वह मौन, जो भीतर कहीं सदा से था, पर हमने कभी सुना नहीं। यह मंच उसी मौन की अभिव्यक्ति है। हमने न कोई रास्ता बनाया, न मंज़िल तय की। हमने बस एक दीप जलाया – आशा का, आत्म-स्मरण का, और आंतरिक शांति का। हम नहीं मानते कि अध्यात्म कोई नियम है, कोई धर्म, या कोई प्रवचन। हमारे लिए अध्यात्म एक प्रामाणिक संवाद है – मन और आत्मा के बीच, अस्तित्व और शून्यता के बीच। स्व स्पिरिचुअल दरअसल एक सामाजिक-आध्यात्मिक आंदोलन नहीं बल्कि एक निमंत्रण है – उन्हें, जो थक गए हैं बाहर की दौड़ से और अब भीतर की यात्रा पर निकलना चाहते हैं। यहां आप न किसी गुरु से मिलेंगे, न किसी अनुयायी से। यहाँ आप बस स्वयं से मिलेंगे – निःशब्द, निर्विकार, और पूर्ण।
हम केवल एक दिशा दिखाते हैं, पगडंडी तो आपको स्वयं ही बनानी होगी।
यदि आप चलने को तैयार हैं, तो विश्वास कीजिए—रास्ता आपके भीतर पहले से ही मौजूद है।

Sudeept Mani Tripathi
Founder Member, Swa Spiritual Trust
मैंने जीवन को कविता की तरह जिया है, हर अनुभव को एक पंक्ति की तरह पढ़ा, हर भावना को एक विराम की तरह समझा।
और फिर एक दिन भीतर की शांति ने मुझसे प्रश्न किया—क्या तुम्हारी कविता सिर्फ शब्दों में सीमित रहेगी, या वह किसी और की आत्मा को भी छू पाएगी? ‘स्व स्पिरिचुअल’ उसी प्रश्न का उत्तर है, एक कविता जो अब मंच बन गई है,
जहाँ आत्मा शब्दों से नहीं, मौन से संवाद करती है। यह कोई संस्था नहीं, यह एक आत्मिक स्थल है जहाँ आप अपने सबसे सच्चे रूप से मिल सकते हैं। मैं नहीं चाहती कि आप मुझे सुनें। मैं चाहती हूँ कि आप खुद को सुनें। हर स्त्री के भीतर एक ऋषिका बसती है, हर पुरुष के भीतर एक प्रश्न। हम सब अपनी-अपनी यात्राओं में हैं, और यही मंच उन यात्राओं को सहारा देने के लिए है। यहाँ कोई धर्म नहीं, कोई दिशा नहीं सिर्फ वह मौन है, जहाँ आत्मा थमकर साँस ले सकती है। मेरे लिए कविता, अध्यात्म और स्त्रीत्व – तीनों एक ही स्रोत से निकलते हैं: करुणा, सजगता और प्रेम।
यदि आप थके हैं, टूटे हैं, या बस एक क्षण भर को रुकना चाहते हैं स्व स्पिरिचुअल आपको उसी मौन की गोद में आमंत्रित करता है, जहाँ कविता अब केवल पढ़ी नहीं जाती, जी जाती है।

Shubh Gauri
Founder Member, Swa Spiritual Trust



